जानिए क्यों न खरीदें आई फ़ोन 8, वजह जान के हो जायेंगे हैरान

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दोस्तों आजकल जिधर देखो उधर लोग आई फ़ोन लिए घूम रहे हैं। एक जमाने में एप्पल अपने आई फ़ोन को प्रोमोटर करने के लिए दर दर भटक रही थी, और आज आप खुद ही देख सकते हैं आई फ़ोन कहाँ से कहाँ पहुंच गया। दोस्तों आई फ़ोन 5 के आने के बाद से भारत में आई फ़ोन इतना लोकप्रिय हो गया है कि अब भारत में प्रीमियम और क्लासी फ़ोन की बात की जाए तो सबसे पहले आई फ़ोन का खयाल ही हमारे दिमाग मे आता है। आई फ़ोन में क्या खास बात है जिसकी वजह से लोग इसके पीछे इतने दीवाने हुए जाते हैं? अगर आप आई फ़ोन को एक नार्मल 15 हज़ार के एंड्रोइड फ़ोन से कंपेयर करेंगे तो आपको आईफोन एक बहुत ही सीमित फंक्शनैलिटी वाला लगेगा।

एप्पल अपने आई फ़ोन के पूरे फीचर्स के बारे में कभी भी नही बताता। अगर आप एप्पल के प्रोसेसर चिप के बारे में गौर करें तो आप पाएंगे कि एप्पल अभी भी पुराने क्वैड कोर एआरएम कोर्टेक्स चिप्स को बेस बना कर इस्तेमाल कर रहा है, वहीं अगर दूसरे एंड्रॉइंड फ़ोन में आपको प्रोसेसर से लेके डिसप्ले रिसोल्यूशन और बैटरी कैपेसिटी और न जाने क्या क्या जानकारियाँ मिल जाएंगी आपको। अगर रैम की बात करें तो एक 15 हज़ार वाले फ़ोन में आपको 3 से 4 जी बी की रैम आपको मिल जाएगी गौरतलब है कि एप्पल के बहुप्रच

लित आई फोन में मैक्सिमम 2 जीबी की रैम आपको मिलती है। और वो भी एप्पल नही बताता

अपने फ़ोन के बारे में। लेकिन फिर भी बहुत लोग कहते हैं कि एप्पल के फ़ोन बाकी एंड्रॉइंड फ़ोन्स के मुकाबले ज़्यादा तेज़ और स्मूथ चलते है।

यहां पर एप्पल के आईओएस की हमें जरूर सराहना करनी पड़ेगी, एप्पल अपने सॉफ्टवेयर के बलबूते पर अपने लो स्पेसिफिकेशन वाले आई फ़ोन को सही तरीके से रन कराने में सफल रहता है। लेकिन गौर करने वाली बात यह भी है कि एप्पल के अपने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम आईओएस की भी सीमाएं हैं, और ये सीमाएं आपको अपने आई फ़ोन से आपात स्थिति में जरुरी काम करने से रोक देती हैं। अगर आप आईओएस की सीमाओं को नजदीक से देखें तो आप पाएंगे कि आप अपने पर्सनल कंप्यूटर से अपने आई फ़ोन में आई ट्यून्स के बिना कुछ भी नहीं कर सकते। अगर आपको कोई नया फिलमी गण पसंद आ गया, तो उस गाने को आप अपने आई फ़ोन में डाऊनलोड नही कर पाएंगे, बल्कि उस गाने को आपको खरीदना पड़ेगा आई ट्यून्स स्टोर से। अगर आप अपनी 40 से 50 हज़ार की मोटी रकम एक ऐसे फ़ोन को ख़रीदने में लगा रहे हैं जिस फ़ोन से आप अपने रोजमर्रा के काम ही नही कर सकते, तो फिर ऐसे फ़ोन को खरीदने का कोई औचित्य ही नहीं है। ऐसे फ़ोन से तो फ़ोन का न होना ही बेहतर है।

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